"मेघना": अवतरणों में अंतर
नेविगेशन पर जाएँ
खोज पर जाएँ
| [अनिरीक्षित अवतरण] | [अनिरीक्षित अवतरण] |
Bharatkhoj (वार्ता | योगदान) ('{{लेख सूचना |पुस्तक नाम=हिन्दी विश्वकोश खण्ड 9 |पृष्ठ स...' के साथ नया पन्ना बनाया) |
Bharatkhoj (वार्ता | योगदान) No edit summary |
||
| पंक्ति १: | पंक्ति १: | ||
{{भारतकोश पर बने लेख}} | |||
{{लेख सूचना | {{लेख सूचना | ||
|पुस्तक नाम=हिन्दी विश्वकोश खण्ड 9 | |पुस्तक नाम=हिन्दी विश्वकोश खण्ड 9 | ||
०४:३५, २० सितम्बर २०१५ के समय का अवतरण
| चित्र:Tranfer-icon.png | यह लेख परिष्कृत रूप में भारतकोश पर बनाया जा चुका है। भारतकोश पर देखने के लिए यहाँ क्लिक करें |
मेघना
| |
| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 9 |
| पृष्ठ संख्या | 382 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| लेखक | दीवेंद्रनाथ बनर्जी |
| संपादक | फूलदेवसहाय वर्मा |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1967 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
मेघना नदी भारत के पश्चिमी बंगाल राज्य के डेल्टाई भाग में एस्चुअरी[१] बनाती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती है। गंगा एवं ब्रहृापुत्र नदी का अधिकांश जल यह नदी समुद्र तक पहुँचाती है। नदी अपने साथ बड़ी मात्रा में मिट्टी लाकर बिछाती है। नदी कभी कभी पाँच, या छह जल धाराओं में बँट जाती है। कभी यह विशाल क्षेत्र में चादर के समान फैलकर बहती है। इसके मुहाने में तीन मुख्य द्वीप हैं। इसमें साल भार नावें तथा स्टीमर सरलता से चलाए जा सकते हैं, लेकिन किनारे बलुए होने से धँस जाते हैं, जो नावों के लिये हानिप्रद है। मानसून के समय में यह खतरा और भी बढ़ जाता है।
|
|
|
|
|
|
टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑ estuary