ईल नदी
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ईल नदी
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 2 |
| पृष्ठ संख्या | 37 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | श्यामसुंदर शर्मा |
ईल फ्रांस की एक नदी है। इसका उद्गम जूरा की उत्तरी तलहटी में बेसल से दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। यह उत्तर-उत्तर-पूर्व की दिशा में राइन के समांतर बहती हुई स्ट्रासबर्ग से नौ मील नीचे बाईं ओर से राइन में प्रवेश करती है। इसकी लंबाई 123 मील है। यह संकरी वीसजेस घाटी में बहनेवाली छोटी-छोटी नदियों का जल ग्रहण करती है। कोलमार के समीप लाडहोफ से अपने (राइनवाले) संगम पर्यंत 59 मील की दूरी तक यातायात के योग्य है। ऊपरी ऐल्सेस के मुख्य नगर जेसे मालह्यज, कोलमार, श्लेस्टाट तथ्ज्ञज्ञ स्ट्रासबर्ग इसी नदी के तट पर बसे हैं। यहाँ दो प्रमुख नहरों राइन-मार्न तथा राइन-रोन, को जल प्रदान करती है। ये दोनों नहरें स्ट्रासबर्ग के समीप से निकाली गई हैं।
टीका टिप्पणी और संदर्भ