ओक्रिडा
| चित्र:Tranfer-icon.png | यह लेख परिष्कृत रूप में भारतकोश पर बनाया जा चुका है। भारतकोश पर देखने के लिए यहाँ क्लिक करें |
ओक्रिडा
| |
| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 2 |
| पृष्ठ संख्या | 292 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | श्यामसुंदर शर्मा |
ओक्रिया यूगोस्लाविया के दक्षिणी सर्बिया में ओक्रिडा झील के तट पर बसा हुआ एक नगर है। यह नगर जर्मनी-इटली की सेना द्वारा सन् 1941 ई. में अधिकृत कर लिया गया था। यहाँ रहनेवालों में बहुसंख्यक अल्बानियावासी, कुछ सर्बियावाले तथा कुछ बल्गर लोग थे। ओक्रिया झील समुद्र की सतह से 2,260 फुट की ऊँचाई पर है। इसका क्षेत्रफल 107 वर्ग मील तथा इसकी अधिकतम गहराई 938 फुट है। यहाँ की प्राकृतिक छटा रमणीक है। साथ ही यह लाल मांसवाली सामन मछलियों के लिए प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र मलेरिया ग्रस्त है। ओक्रिडा सामन मछलियों के लिए प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र मलेरिया ग्रस्त है। ओक्रिडा प्राचीन लिकनिडास के स्थल पर बसा हुआ है, जो फ़िलिप द्वितीय (382-336 ई.पू.) द्वारा मैसिडोनिया राज्य में संमिलित कर लिया गया था, परंतु बाद में बल्गरों द्वारा सन् 861 ई. में नष्ट कर दिया गया।
टीका टिप्पणी और संदर्भ