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	<title>ताईबीरियस - अवतरण इतिहास</title>
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	<subtitle>विकि पर उपलब्ध इस पृष्ठ का अवतरण इतिहास</subtitle>
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		<title>Bharatkhoj: 'ताईबीरियस रोम का सम्राट (नवम्बर ४२ ई. पू.- मार्च ३७ ई०) ...' के साथ नया पन्ना बनाया</title>
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		<updated>2011-09-15T18:33:28Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&amp;#039;ताईबीरियस रोम का सम्राट (नवम्बर ४२ ई. पू.- मार्च ३७ ई०) ...&amp;#039; के साथ नया पन्ना बनाया&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;ताईबीरियस रोम का सम्राट (नवम्बर ४२ ई. पू.- मार्च ३७ ई०) है। ताईबीरियस का पूरा नाम ताईबीरियस क्लाउडियस नीरो सीजर आगस्तस था। यह ताइबीरियस क्लाउडियस नीरो और लीविया ड्रसील्ला का पुत्र था। इसका पिता जूलियस सीजर की सेना में एक अफसर था। लीबिया से आक्टोवियन (सम्राट आगस्तस) ने ३८ ई. पू. विवाह किया। दूसरे पति से कोई संतान न होने के कारण लिविया ने अपना सारा ध्यान अपने पुत्रों की उन्नति में लगाया। इस प्रकार ताइबीरियस का लालन पालन सौतेले पिता के यहाँ हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
२० ई. पू. में ताइबीरियस को आगस्तस ने आर्मेनिया भेजा। ट्रांस एल्पाइन गॉल का गवर्नर बनाया गया। १५ ई. पू. में इटली और गॉल के बीच के संचारमार्ग की सुरक्षा के लिये अपने भाई द्रूसस की सहायता के लिये गया और सफलता पाई। जर्मनी में सात साल रहा। आगस्तस के मरने के बाद ही यह रोम लौटा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आगस्तस ने अपना उत्तराधिकारी अग्रिप्पा को बनाया था। किंतु उसकी १२ ई. पू. मृत्यु हो गई। आगस्तस ने ताइबीरियस को बाध्य किया कि वह अपनी प्रेमिका पत्नी विमसानिया अग्रिप्पिनाप्रे को छोड़ दे और सम्राट् की दो बार विधवा हुई पुत्री जूलिया से विवाह करे। अगस्तस यद्यपि ताइबीरियस को दिल से नापसंद करता था परंतु वह अपना राजवंश किसी न किसी रूप से चलाने को उत्सुक था। ताइबीरियस ५६ साल की उम्र में सिंहासन पर बैठा। यह ग्रीक और लैटिन का पंडित था। रोम का सिंहासन इसके लिए इसकी माँ लिविया ने प्राप्त किया था। आगस्तस के पोते अग्रिपा को मरवा दिया। पान्नोनिया डाल माशिया और जर्मन विद्रोहों को शांत किया। राईन-एल्बा नदियों तक का प्रदेश जीता। इस विजय पर उसने 'इम्पेरेटर' की उपाधि ग्रहण की।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
रोम का व्यापार बढ़ाया। स्वाभाव से उदार पर शक्की और अविश्वासी था। सीमा की सुरक्षा को दृढ़ किया। शहरी लोगों के ठाठबाट और चमक-दमक की ओर से विमुख था। उसने लोकप्रिय होने का यत्न नहीं किया। युद्धों में सीनेट की सहायता पाने में विफल रहा। ७९ वर्ष की आयु में इसका देहांत हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
[[Category:रोम]]&lt;br /&gt;
[[Category:हिन्दी विश्वकोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:नया पन्ना]]&lt;br /&gt;
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		<author><name>Bharatkhoj</name></author>
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