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इसका लगभग दो तिहाई भाग ज्वालामुखीय तथा पर्वतीय है। लगभग २०० मील लंबा तथा ३० मील चौड़ा समुद्रतटीय मैदान प्रशांत महासागर के समांतर फैला है। इसके बाद समुद्रतल से ३००-४,५०० फुट ऊँचा पर्वतपदीय पठारी भाग है। यहाँ ८,०००- १०,००० फुट ऊँची सियरा मेडर नामक पर्वत श्रेणियाँ हैं, जिनमें बहुत से ज्वालामुखीय शिखर <ref>ताहू मूल्को १३,८१२ फुट; टैकना १३,३३३ फुट; एकाटेनागो १२,९९२ फुट; फ्वेगो १२,५८१ फुट; सांता मेरिया १२,३६२ फुट; आग्वा १२,३१० फुट आदि</ref> हैं। इनके करण बहुधा भूकंप हुआ करते हैं। इन अंतर्पर्वतीय भागों में स्थित घाटियाँ अत्यंत उपजाऊ हैं। इस क्षेत्र की जनसंख्या का वितरण, आवासक्रम, स्थापत्य कला तथा आर्थिक प्रगति पर इन ज्वालामुखी पर्वतों का प्रचुर प्रभाव दिखाई दता है। उत्तर में कैरीबियन सागर का तटवर्ती नीचा मैदान है, जो पहले 'माया सभ्यता का केंद्र था। यह भाग अधिकांशत: वनाच्छादित है। | इसका लगभग दो तिहाई भाग ज्वालामुखीय तथा पर्वतीय है। लगभग २०० मील लंबा तथा ३० मील चौड़ा समुद्रतटीय मैदान प्रशांत महासागर के समांतर फैला है। इसके बाद समुद्रतल से ३००-४,५०० फुट ऊँचा पर्वतपदीय पठारी भाग है। यहाँ ८,०००- १०,००० फुट ऊँची सियरा मेडर नामक पर्वत श्रेणियाँ हैं, जिनमें बहुत से ज्वालामुखीय शिखर <ref>ताहू मूल्को १३,८१२ फुट; टैकना १३,३३३ फुट; एकाटेनागो १२,९९२ फुट; फ्वेगो १२,५८१ फुट; सांता मेरिया १२,३६२ फुट; आग्वा १२,३१० फुट आदि</ref> हैं। इनके करण बहुधा भूकंप हुआ करते हैं। इन अंतर्पर्वतीय भागों में स्थित घाटियाँ अत्यंत उपजाऊ हैं। इस क्षेत्र की जनसंख्या का वितरण, आवासक्रम, स्थापत्य कला तथा आर्थिक प्रगति पर इन ज्वालामुखी पर्वतों का प्रचुर प्रभाव दिखाई दता है। उत्तर में कैरीबियन सागर का तटवर्ती नीचा मैदान है, जो पहले 'माया सभ्यता का केंद्र था। यह भाग अधिकांशत: वनाच्छादित है। | ||
कृषि प्रमुख धंधा है। स्थानीय उपयोग के लिये मकई, गन्ना, धान, गेहुँ विभिन्न किस्म की सेमें, फल तथा तंबाकू आदि पैदा किए जाते हैं। कहवा <ref> | कृषि प्रमुख धंधा है। स्थानीय उपयोग के लिये मकई, गन्ना, धान, गेहुँ विभिन्न किस्म की सेमें, फल तथा तंबाकू आदि पैदा किए जाते हैं। कहवा <ref>३,३८,००० एकड़, कुल निर्यातमूल्य का ७० प्रति शत</ref>, केले, कपास, मनीला (abaca) तेल, कोको तथा लकड़ियाँ प्रमुख निर्यात वस्तु हैं। पशु, भेड़, बकरियाँ, सुअर तथा मुर्गी पालन भी प्रमुख व्यवसाय हैं। सन् १९४८ में कुल राष्ट्रीय उत्पादन का केवल १४ प्रति शत उद्योग धंधे से प्राप्त हुआ। ये उद्योग भोज्य-सामग्री, कपड़ों, तंबाकू, इमारती सामन तथा लकड़ियों आदि से संबंधित हैं। लगभग ६५ प्रति शत भूमि वनाच्छादित है। खनिज पदार्थो में सोना, चाँदी, सीसा, जस्ता, ताँबा तथा क्रोमियम प्रमुख हैं। ऐंटीमना, लोह, स्फटिक तथा कोयला भी उपलब्ध हैं। पैटेन, अल्ता वेरापाज तथा आइजाबेल क्षेत्र में मिट्टी के तेल की संभावना है। मत्स्योत्पादन भी बढ़ रहा है। | ||
कुल जनसंख्या का लगभग ५४ प्रति शत इंडियन तथा शेष लैडिनो<ref>मिश्रित इंडियन-स्पेनिश रक्त</ref> हैं। तीन प्रमुख क्षेत्रों में- ज्वालामुखीय पर्वतीय भाग, प्रशांत महासागरतटीय मैदान तथा दक्षिण-पूर्वी भाग, जो एल सेल्वाडॉर तथा होंडुरैस से सटा है, जनसंख्या का अधिकांश भाग रहता है। ग्वाटिमाला देश की राजधानी तथा सर्वप्रमुख नगर है जबकि द्वितीय बृहत्तम नगर कैसालटेनांगो (Quezaltenango) की जनसंख्या केवल ३६,२०९ है। अन्य नगरों में कोवान<ref>२९, २४२</ref> जैकेपा<ref>२७,६९६,</ref> प्वेटों वैरंयोस<ref>१५, ३३२</ref> प्रमुख हैं। | कुल जनसंख्या का लगभग ५४ प्रति शत इंडियन तथा शेष लैडिनो<ref>मिश्रित इंडियन-स्पेनिश रक्त</ref> हैं। तीन प्रमुख क्षेत्रों में- ज्वालामुखीय पर्वतीय भाग, प्रशांत महासागरतटीय मैदान तथा दक्षिण-पूर्वी भाग, जो एल सेल्वाडॉर तथा होंडुरैस से सटा है, जनसंख्या का अधिकांश भाग रहता है। ग्वाटिमाला देश की राजधानी तथा सर्वप्रमुख नगर है जबकि द्वितीय बृहत्तम नगर कैसालटेनांगो (Quezaltenango) की जनसंख्या केवल ३६,२०९ है। अन्य नगरों में कोवान<ref>२९, २४२</ref> जैकेपा<ref>२७,६९६,</ref> प्वेटों वैरंयोस<ref>१५, ३३२</ref> प्रमुख हैं। | ||
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१२:५९, २ अगस्त २०१४ के समय का अवतरण
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ग्वाटिमाला
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 4 |
| पृष्ठ संख्या | 93 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | फूलदेव सहाय वर्मा |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | काशी नाथ सिंह |
ग्वाटिमाला (Guatemala) मध्य अमरीका का सर्वोत्तरी गणराज्य, जो मध्य अमरीकी देशों में क्षेत्रफल की दृष्टि से द्वितीय[१] तथा जनसंख्या की दृष्टि से प्रथम[२] है। प्रशांत महासागरीय तथा कैरीबियन सागरीय तटों की लंबाई क्रमश: लगभग २०० तथा ७० मील है।
इसका लगभग दो तिहाई भाग ज्वालामुखीय तथा पर्वतीय है। लगभग २०० मील लंबा तथा ३० मील चौड़ा समुद्रतटीय मैदान प्रशांत महासागर के समांतर फैला है। इसके बाद समुद्रतल से ३००-४,५०० फुट ऊँचा पर्वतपदीय पठारी भाग है। यहाँ ८,०००- १०,००० फुट ऊँची सियरा मेडर नामक पर्वत श्रेणियाँ हैं, जिनमें बहुत से ज्वालामुखीय शिखर [३] हैं। इनके करण बहुधा भूकंप हुआ करते हैं। इन अंतर्पर्वतीय भागों में स्थित घाटियाँ अत्यंत उपजाऊ हैं। इस क्षेत्र की जनसंख्या का वितरण, आवासक्रम, स्थापत्य कला तथा आर्थिक प्रगति पर इन ज्वालामुखी पर्वतों का प्रचुर प्रभाव दिखाई दता है। उत्तर में कैरीबियन सागर का तटवर्ती नीचा मैदान है, जो पहले 'माया सभ्यता का केंद्र था। यह भाग अधिकांशत: वनाच्छादित है।
कृषि प्रमुख धंधा है। स्थानीय उपयोग के लिये मकई, गन्ना, धान, गेहुँ विभिन्न किस्म की सेमें, फल तथा तंबाकू आदि पैदा किए जाते हैं। कहवा [४], केले, कपास, मनीला (abaca) तेल, कोको तथा लकड़ियाँ प्रमुख निर्यात वस्तु हैं। पशु, भेड़, बकरियाँ, सुअर तथा मुर्गी पालन भी प्रमुख व्यवसाय हैं। सन् १९४८ में कुल राष्ट्रीय उत्पादन का केवल १४ प्रति शत उद्योग धंधे से प्राप्त हुआ। ये उद्योग भोज्य-सामग्री, कपड़ों, तंबाकू, इमारती सामन तथा लकड़ियों आदि से संबंधित हैं। लगभग ६५ प्रति शत भूमि वनाच्छादित है। खनिज पदार्थो में सोना, चाँदी, सीसा, जस्ता, ताँबा तथा क्रोमियम प्रमुख हैं। ऐंटीमना, लोह, स्फटिक तथा कोयला भी उपलब्ध हैं। पैटेन, अल्ता वेरापाज तथा आइजाबेल क्षेत्र में मिट्टी के तेल की संभावना है। मत्स्योत्पादन भी बढ़ रहा है।
कुल जनसंख्या का लगभग ५४ प्रति शत इंडियन तथा शेष लैडिनो[५] हैं। तीन प्रमुख क्षेत्रों में- ज्वालामुखीय पर्वतीय भाग, प्रशांत महासागरतटीय मैदान तथा दक्षिण-पूर्वी भाग, जो एल सेल्वाडॉर तथा होंडुरैस से सटा है, जनसंख्या का अधिकांश भाग रहता है। ग्वाटिमाला देश की राजधानी तथा सर्वप्रमुख नगर है जबकि द्वितीय बृहत्तम नगर कैसालटेनांगो (Quezaltenango) की जनसंख्या केवल ३६,२०९ है। अन्य नगरों में कोवान[६] जैकेपा[७] प्वेटों वैरंयोस[८] प्रमुख हैं।
यातायात का अभाव देश की प्रगति में बाधक है। कुल ७२० मील रेलमार्ग है। मध्य अमरीकी अंतरराष्ट्रीय रेलमार्ग ग्वाटिमाला को मेक्सिको तथा एल सैल्वाडॉर से जोड़ता है। यहाँ कुल ४,४१७ मील लंबी सड़कें हैं, जो राजधानी से प्रांतीय राजधानियों को संबंधित करती हैं। प्वेटों वैरंयोस अतलांतक महासागर के किनारे सबसे बड़ा पत्तन है। प्रशांत महासागर के तट पर ओफोज, शैंपेरिको तथा सान जोज़ छोटे पत्तन हैं। नदियाँ बहुत कम परिवहनीय हैं।