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अग्निहोत्र
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 1 |
| पृष्ठ संख्या | 77 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1973 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | चंद्रचूड़ मणि। |
अग्निहोत्र' वैदिक काल में अग्निहोत्र का बड़ा नाम था। प्रातकालीन और सायंकालीन संध्याओं के उपरांत अग्निहोत्र करके पूजा से उठने का विधान है। वैदिक समय में यज्ञ के लिए जंगल से समिधा लाकर शुल्वसूत्र (ज्यामिति) के अनुसार यज्ञ की वेदी का निर्माण कर अग्निहोत्र करने की प्रथा थी जो अद्यावधि चली आ रही है।
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टीका टिप्पणी और संदर्भ