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आविष्कार
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 1 |
| पृष्ठ संख्या | 456 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | श्री निरंकार सिंह |
आविष्कार और खोज किसी ऐसी नवीन वस्तु या यंत्र आदि बनाने को आविष्कार कहते हैं जो पहले कभी न बना हो। खोज किसी ऐसे नियम, पूर्वविद्यमान देश आदि का पता लगाने को कहते हैं जिसका ज्ञान या पता पहले किसी को नहीं था। इस प्रकार जो स्थान अथवा तथ्य पहले से ही विद्यमान हों पर मालूम न हो, उसका पता लगाना खोज है। लेकिन कुछ पदार्थो या वस्तुओं की सहायता से एकदम नई चीज तैयार करने को आविष्कार या ईजाद कहते हैं। जैसे न्यूटन ने गुरूत्वाकर्षण के नियम की खोज की और फैराडे ने डायनमों का आविष्कार किया।
टीका टिप्पणी और संदर्भ