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*कुकुर प्राचीन भारत की एक जाति जो संघ शासन की अनुयायी थी। | *कुकुर प्राचीन भारत की एक जाति जो संघ शासन की अनुयायी थी। | ||
*महाभारत के अनुसार अंधक-वृष्णि के गणराज्य की यह एक सेनाओं के साथ कुकुरसेना ने भी कृतवर्मा के नेतृत्व में युद्ध किया था और भीष्म की रक्षा की थी। | *महाभारत के अनुसार अंधक-वृष्णि के गणराज्य की यह एक सेनाओं के साथ कुकुरसेना ने भी कृतवर्मा के नेतृत्व में युद्ध किया था और भीष्म की रक्षा की थी। | ||
१३:५२, १४ फ़रवरी २०१४ के समय का अवतरण
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- कुकुर प्राचीन भारत की एक जाति जो संघ शासन की अनुयायी थी।
- महाभारत के अनुसार अंधक-वृष्णि के गणराज्य की यह एक सेनाओं के साथ कुकुरसेना ने भी कृतवर्मा के नेतृत्व में युद्ध किया था और भीष्म की रक्षा की थी।
- राजसूय यज्ञ के अवसर पर उपहार लानेवालों में कुकुरों का नाम आया है।
- कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार कुकुरों को राजशब्दोपजीवी संघ बताया गया है।
- पश्चिमी भारत से मिले कतिपय अभिलेखों में कुकुरों का उल्लेख आता है जिनसे ज्ञात होता है, प्रथम शती ई. पू. के लगभग कुकुर गणराज्य का अस्तित्व था। कदाचित वे मौर्य साम्राज्यवाद की लपट से अपनी रक्षाकर बच गए थे।