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ऐरागॉन
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 2 |
| पृष्ठ संख्या | 281 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | श्यामसुंदर शर्मा |
ऐरागॉन आइबीरियन प्रायद्वीप का एक प्राचीन राज्य है, जिसमें आधुनिक स्पेन के वेस्का तेरवेल तथा जारगोज़ा प्रदेश आते हैं। इस प्रदेश में एब्रो तथा उसकी सहायक नदियाँ बहती हैं। उत्तरी तथा दक्षिणी भाग पर्वतीय हैं और जलवायु स्थान की ऊँचाई के हिसाब से स्थान-स्थान पर भिन्न-भिन्न प्रकार की है। मैदान एवं घाटी की जलवायु प्राय: नम रहती है तथा साधारणत: ऊँचाई पर स्थित पर्वतों की ढालों पर जलवायु समशीतोष्ण है। गेहूँ, मकई इत्यादि ऊँचे भागों पर तथा जैतून एवं अंगूर की कृषि गर्म घाटी में होती है। तेरवेल में कुछ मात्रा में ताँबा, सीसा, नमक तथा गंधक खदानों से निकाले जाते हैं। उद्योगधंधों में यह प्रदेश पिछड़ा हुआ है तथा यहाँ कृषि भी पुराने ढंग से ही की जाती है। प्रदेश की जनसंख्या सन् 1970 ई. में. 19,73,780 थी। जारगोज़ा मुख्य नगर (जनसंख्या सन् 1968 ई. में 4,39,451) हैं। ऐरागॉन पाँचवीं शताब्दी में रोमन राज्य का एक भाग था तथा आठवीं शताब्दी में मूरों के अधीन था।
टीका टिप्पणी और संदर्भ