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११:५४, १२ मार्च २०१३ के समय का अवतरण
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अत्रि
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 1 |
| पृष्ठ संख्या | 93 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1973 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | चंद्रचूड़ मणि। |
अत्रि दस प्रजापतियों एवं सप्तर्षियों में गिने गए हैं। वे वैदिक मंत्रों के भी रचयिता थे। उनकी बनाई हुई अत्रिसंहिता प्रसिद्ध है। उत्तर वैदिक काल में राम के समय में एक अत्रि का उल्लेख हुआ है जो अनसूया के पति थे और जिन्होंने चित्रकूट के दक्षिण में आश्रम बना रखा था। पुराणों के अनुसार अत्रि सोम (चंद्रमा), दत्तात्रेय और दुर्वासा के पिता थे।
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टीका टिप्पणी और संदर्भ