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थेसाली
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 5 |
| पृष्ठ संख्या | 476 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | रामप्रसाद त्रिपाठी |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1965 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | विजयराम सिंह |
थेसाली
स्थिति
39°30' उo अo तथा 22°०' पूo देo। यह ग्रीस देश का प्राचीन भौगालिक विभाग है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 13.973 वर्ग किलोमीटर है। इसके अंतर्गत नवीन लारिसा तथा ट्रिकाला विभाग भी सम्मिलित हैं। प्राचीन थेसाली चारो ओर से पिंडस, ओएटा तथा अन्य पर्वत श्रेणियों से घिरा हुआ था तथा थेसाली मैदान अत्यंत उपजाऊ क्षेत्र था। कहा जाता है कि ईसा से एक हजार वर्ष पूर्व थेसाली नामक कबीली जातियों ने इस मैदान में प्रवेश किया, अत: इन्हीं के नाम पर इसका नाम थेसाली पड़ा।
भौगोलिक संरचना
यह विभाग समांतर पर्वतश्रेणियों से पूर्ण है, जो पूर्व-पश्चिम फैली हुई हैं तथा जिनके भीतर उपजाऊ मैदान हैं, जो समुद्र तट की ओर खुले हुए हैं। यह भाग देश के अन्य भागों द्वारा रेल एवं सड़क से मिला हुआ है। यहाँ का मुख्य नगर लारिसा गमनागमन का मुख्य केंद्र है, जो पठारी एवं मैदानी भागों से समान रूप से रेल या सड़क यातायात द्वारा संबंधित है। इस भाग में लगभग 6,94,461 (1961) लोग निवास करते थे।
टीका टिप्पणी और संदर्भ