"गांडीव": अवतरणों में अंतर
नेविगेशन पर जाएँ
खोज पर जाएँ
| [अनिरीक्षित अवतरण] | [अनिरीक्षित अवतरण] |
Bharatkhoj (वार्ता | योगदान) (''''गांडीव''' महाभारत के प्रख्यात पांडव वीर अर्जुन का धन...' के साथ नया पन्ना बनाया) |
Bharatkhoj (वार्ता | योगदान) No edit summary |
||
| पंक्ति ६: | पंक्ति ६: | ||
<references/> | <references/> | ||
[[Category: | [[Category:हिन्दी विश्वकोश]] | ||
[[Category:इतिहासकार]] | [[Category:इतिहासकार]] | ||
__INDEX__ | __INDEX__ | ||
०५:१६, २९ जुलाई २०१५ के समय का अवतरण
गांडीव महाभारत के प्रख्यात पांडव वीर अर्जुन का धनुष। अनुश्रुति है कि इस धनुष का निमाण स्वयं ब्रह्मा ने किया था और एक हजार वर्ष तक धारण करते रहे। वह क्रमश: वरूण के पास आया। अग्नि ने उसे वरूण से माँग कर अर्जुन को प्रदान किया।
गांडीव धनुष के सामने, कहते हैं, अन्य सभी शस्त्र बेकार थे। किंतु कृष्णा के इहलोक छोड़ने के बाद गांडीव की यह सामर्थ्य नष्ट हो गई थी, ऐसा विष्णु पुराण में उल्लेख है। अर्जुन ने अपने महाप्रस्थान से पूर्व इस धनुष को वरूण को वापस दे दिया, ऐसा भी कहा जाता है।
टीका टिप्पणी और संदर्भ