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१०:५४, १३ जून २०१८ के समय का अवतरण
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आपतुरिया
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 1 |
| पृष्ठ संख्या | 382 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | डॉ. भोलानाथ शर्मा |
आपतुरिया ग्रीक जाति में मनाया जाने वाला एक त्यौहार जो प्यानौप्सियॉन् (अक्टूबर-नवंबर) मास में मनाया जाता था। यह उत्सव तीन दिन चलता था। पहला दिन दौर्पिया (सांध्यभोज), दूसरा दिन अनार्रूसिस् (जीवबलि) तथा तीसरा दिन कूरियोतिस् (मुंडन) कहलाता था। इस त्यौहार में पिछले वर्ष में उत्पन्न हुए बच्चे, युवा लोग और नवविवाहिता पत्नियाँ बिरादरियों में (जो ग्रीक भाषा में 'फ्रात्री' कहलाती थीं) प्रविष्ट हुआ करती थीं और उनको समाज में नवीन उत्तरदायित्व और अधिकार प्राप्त होते थे। दोरियाई जाति में इसी के सदृश आपेलाइ नामक त्यौहार मनाया जाता था।
टीका टिप्पणी और संदर्भ