उशाक
उशाक
| |
| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 2 |
| पृष्ठ संख्या | 148 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | सुरेंद्रकुमार सिंह |
उशाक तुर्की के कुटैहवा विलायत का एक नगर है जो स्मरना तथा कोनिया से रेल द्वारा संबद्ध हैं। यह अपने भारी कालीनों के लिए, जिसे तुर्की कालीन कहते हैं, विख्यात है। यहीं पर तुर्की सेना ने ग्रीक सेनापति ट्रीकोदपियस को कैद किया था।
टीका टिप्पणी और संदर्भ