ओपावा
ओपावा
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 2 |
| पृष्ठ संख्या | 298 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | विनोदचंद्र मिश्र |
ओपावा चेकोस्लोवाकिया के विस्तृत मैदान के मध्य भाग में ओडर नदी की ओपावा नामक सहायक नदी पर स्थित नगर है। इस शब्द का निर्माण जर्मन शब्द ट्रौपाव से हुआ है। 13वीं शताब्दी में पुराना नगर बसाया गया था। यह नगर उद्यानों से घिरा हुआ है जिसके बाहर की ओर नया नगर बसा है। इस नगर में अनेक उद्योग धंधे विकसित हैं, जैसे मदिरा, चीनी तथा औद्योगिक यंत्र इत्यादि बनाना। सन् 1968 ई. में इसकी जनसंख्या 46000 थी, जिसमें अधिकांशत: जर्मन थे। सन् 1938 ई. में म्यूनिख़ समझौते के उपरात यह जर्मनी को मिल गया था परंतु 1945 ई. में यह नगर चेकोस्लोवाकिया को मिल गया।
टीका टिप्पणी और संदर्भ