हेनरी अर्विग
हेनरी अर्विग
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 1 |
| पृष्ठ संख्या | 248 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | श्री ओंमकारनाथ उपाध्याय |
अर्विग, सर हेनरी (1838-1905), अंग्रेज अभिनेता, मूल नाम जान ब्राद्रिब। पहली बार बुलवर लिटन के नाटक 'रिशेल्यू' में आर्लीन्स के ड्यूक की भूमिका में रंगमंच पर आए। अगले दस वर्षों में उन्होंने 500 भूमिकाएँ खेलीं। वे शेक्सपियर के प्रधान नाटकों में प्रधान पात्र बने और 1874 में जो उन्होंने 200 रातों तक लगातार हैम्लेट का पार्ट किया उससे अंग्रेज जनता ने उन्हें देश का रुचितम अभिनेता स्वीकार किया। 1895 में 'नाइट' बने। दशकों उन्होंने बड़े सफलतापूर्वक अभिनय, नाटकों के निर्देशन और रंगमंचीय प्रकाशन किए।
टीका टिप्पणी और संदर्भ