क्लेमंट रिचर्ड एटली
क्लेमंट रिचर्ड एटली
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 2 |
| पृष्ठ संख्या | 235 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | ओंकारनाथ उपाध्याय |
एप्ली, क्लेमंट रिचर्ड (1883-1967) ब्रिटिश राजनीतिज्ञ। 1905 में उन्होंने बैरिस्ट्री पास की पर वकालत की जगह वह सामाजिक कार्य करने लगे। दो साल बाद वह समाजवादी हो गए और 'इंडेपेंडेंट लेबर पार्टी' के सदस्य बन गए। पहले महायुद्ध में उन्होंने फ्रांस और निकट पूर्व के देशों में मेजर की हैसियत से लड़ाइयाँ लड़ीं। 1922 में एटली पार्लियामेंट के सदस्य चुने गए और जब 1931 में मजदूर दल की सरकार बनी तब वह युद्ध के लिए उपसचिव नियुक्त हुए। 1931 के चुनाव के बाद वह मजदूर दल के पहले उपनेता, फिर नेता, चुने गए। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय चर्चिल के मंत्रिमंडल में भी वह मंत्री थे और चर्चिल के बाद वह स्वयं इंग्लैंड के प्रधान मंत्री हुए। 1945 में भारत को पहले औपनिवेशिक फिर 1947 में पूर्ण स्वराज्य उन्हीं के तत्वावधान में मिला। 1950 में वह फिर नए चुनाव के बाद प्रधान मंत्री हुए। उस चुनाव में उदार और अनुदार दलों के ऊपर मजदूर दल का बस थोड़ा ही बहुमत था। कुछ काल बाद जब मजदूर दल का मंत्रिमंडल हटा तब मेजर एटली भी सरकार से अलग हो गए। सन् 1967 ई. में इनकी मृत्यु हो गई।
टीका टिप्पणी और संदर्भ