एस्तेर
एस्तेर
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 2 |
| पृष्ठ संख्या | 262 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | कामिल बुल्के |
एस्तेर यह हदासाह नामक एक यहूदी नायिका का बाबुली नाम है; उन्हीं पर बाइबिल के एक ग्रंथ का नामकरण हुआ है।
अहाश्वेरोश नामक ईरानी राजा ने, जिन्हें यूनानी लोग ज़रजेस (485-465 ई.पू.) और ईरानी क्षयार्षा कहते थे, अपनी पत्नी वास्ती को तलाक देकर एस्तेर से विवाह किया था। हामान वज़ीर का एस्तेर के रिश्तेदार मार्दकाय से बैर था; अत: उन्होंने एक राजाज्ञा निकाली जिसके अनुसार फारस में बसनेवाले सभी यहूदियों का एक ही दिन में वध होनेवाला था। इसपरर एस्तेर ने राजा पर प्रकट किया कि मैं भी यहूदी हूँ। इसका परिणाम यह हुआ कि हामान को प्राणदंड दिया गया और मार्दकाय की वज़ीर के पद पर नियुक्ति हुई। इस घटना के स्मरणार्थ यहूदी लोग पुरीम नामक पर्व उसीके दिन मनाते हैं जिस दिन उनका वध निश्चित किया गया था। एस्तेर नामक ग्रंथ ऐतिहासिक उपन्यास की शैली में लिखा गया है; इसकी रचना तीसरी शताब्दी ई.पू. में हुई थी।
टीका टिप्पणी और संदर्भ