अन्यथानुपपत्ति
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अन्यथानुपपत्ति
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 1 |
| पृष्ठ संख्या | 130 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1973 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | राम चंद्र पांडेय। |
अन्यथानुपपत्ति किसी अत्यायश्यक कारण के बिना किसी तथ्य की कारण होते हैं किंतु उनमें से कोई एक कारण सर्वप्रधान होता है। अन्य कारणों के रहते हुए भी इस प्रधान कारण के बिना कार्य की उत्पति संभव नहीं होती। इस प्रधान कारण के अभाव में जब कार्य की उत्पति असंभव होती है तब उस कार्य को असाधारण कारण के बिना 'अन्यथानुपपत्ति' कहा जाता है।
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टीका टिप्पणी और संदर्भ