अर्मीनियस
| चित्र:Tranfer-icon.png | यह लेख परिष्कृत रूप में भारतकोश पर बनाया जा चुका है। भारतकोश पर देखने के लिए यहाँ क्लिक करें |
अर्मीनियस
| |
| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 1 |
| पृष्ठ संख्या | 246 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | श्री मती सरोजिनी चतुर्वेदी |
अर्मीनियस जर्मन वीर। युवावस्था में उसने रोम की सेना में काम किया। जर्मनी लौटकर देशवासियों को रोम के गर्वनर के पाशविक शासन में पिसते देख उसने विद्रोह का झंडा खड़ा किया और 15 ई. में रोम के शासक को हराकर भगा दिया। 21 ई. में उसकी हत्या कर दी गई।
टीका टिप्पणी और संदर्भ