आंतोनिनस पिअस
| चित्र:Tranfer-icon.png | यह लेख परिष्कृत रूप में भारतकोश पर बनाया जा चुका है। भारतकोश पर देखने के लिए यहाँ क्लिक करें |
आंतोनिनस पिअस
| |
| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 1 |
| पृष्ठ संख्या | 328 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | डॉ. ओंमकारनाथ उपाध्याय |
आंतोनिनस पिअस (86-116 ई.) कांसुल ओरेलिएस फुलवस का बेटा, रोमन सम्राट्। पहले वह साम्राज्य के अनेक ऊँचे पदों पर रहा, फिर 138 ई. में सम्राट् हाद्रियन ने उसे अपना उत्तराधिकारी मनोनीत किया। उसी साल हाद्रियन के मरने पर आँतोनिनस सम्राट हुआ। अनेक पदों पर बुद्धिमानी से कार्य कर चुकने के कारण वह साम्राज्य की वास्तविक स्थिति से पूर्णत: परिचित था और प्रजा का हित हृदय से चाहता था। उसने शासन का भार अधिकतर रोमन सिनेट को सौंपा और कानून में अनेक सुधार किए। उसने ब्रिटेन में फोर्थ से लेकर क्लाइड तक दीवार खड़ी की जो आज भी एक अंश में वर्तमान है।
टीका टिप्पणी और संदर्भ