"उत्पल वंश" के अवतरणों में अंतर

अद्‌भुत भारत की खोज
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ
[अनिरीक्षित अवतरण][अनिरीक्षित अवतरण]
(''''उत्पल वंश''' कश्मीर का राजवंश था, जिसने लगभग 855 ई. से 939...' के साथ नया पन्ना बनाया)
 
 
पंक्ति १: पंक्ति १:
 +
{{भारतकोश पर बने लेख}}
 
'''उत्पल वंश''' [[कश्मीर]] का राजवंश था, जिसने लगभग 855 ई. से 939 ई. तक राज किया। इस वंश की स्थापना [[अवंतिवर्मन]] ने की थी।
 
'''उत्पल वंश''' [[कश्मीर]] का राजवंश था, जिसने लगभग 855 ई. से 939 ई. तक राज किया। इस वंश की स्थापना [[अवंतिवर्मन]] ने की थी।
  

१२:१५, १ जुलाई २०१८ के समय का अवतरण

चित्र:Tranfer-icon.png यह लेख परिष्कृत रूप में भारतकोश पर बनाया जा चुका है। भारतकोश पर देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

उत्पल वंश कश्मीर का राजवंश था, जिसने लगभग 855 ई. से 939 ई. तक राज किया। इस वंश की स्थापना अवंतिवर्मन ने की थी।

  • करकोट वंश के अंतिम राजा के हाथ से अवंतिवर्मन ने शासन की बागडोर छीनकर 'उत्पल राजवंश' का आरंभ किया था।
  • उत्पल राजवंश के राजाओं में अवंतिवर्मन और शंकरवर्मन सर्वाधिक प्रसिद्ध थे।
  • इस कुल के अंतिम राजा उन्मत्तावंती के अनौरस पुत्र सूरवर्मन द्वितीय ने केवल कुछ महीने ही राज किया।
  • उत्पल वंश का अंत मंत्री प्रभाकरदेव द्वारा हुआ, जिसके बेटे यश:कर को चुनकर ब्राह्मणों ने कश्मीर का राजा बना दिया था।[१]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ओंकारनाथ उपाध्याय, हिन्दी विश्वकोश, खण्ड 2, पृष्ठ संख्या 85