तसमानिया

अद्‌भुत भारत की खोज
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तसमानिया आस्ट्रेलिया का सबसे छोटा तथा रमणीक राज्य एवं द्वीप है। १६४२ ई० में तैज़मान द्वारा इसकी खोज हुई और सन्‌ १८०३ में यह अंग्रजों के अधीन हो गया। बास जलडमरूमध्य तसमानिया का कुल क्षेत्रुल २६,२१५ वर्ग मील है। पूर्वी तसमानिया के पर्वत ग्रेट डिवाइडिंग रेंज के ही भाग है, जो आस्ट्रेलिया महाद्वीप के पूर्वी तट के निचले भाग में विस्तृत हैं। बेन लोमंड (Ben Lomond) इस द्वीप का सर्वोच्च बिंदु है, जिसकी ऊँचाई ५,७६० फुट है।

जनवरी तथा जुलाई का औसत ताप क्रमश: १५.६° सें० तथा १०° सें० है। यहाँ वार्षिक वर्षा पूर्वी भाग में २० से ४० तक तथा पश्चिमी भाग में ४० से ६० तक होती है। तसमानिया में बहुत से जंगल तथा खनिज पदार्थ पाए जाते हैं। इसकी झीलों तथा नदियों से जलविद्युत्‌ उत्पन्न की जाती है। यहाँ विशेषकर सेब की गहन खेती की जाती है। इमारती लकड़ी तथा ऊन यहाँ के मुख्य निर्यात हैं। आकर्षक दृश्य तथा उत्तमजलवायु के कारण बहुत से पर्यटक अवकाश बिताने के लिये इस द्वीप में आते हैं। यहाँ के आदिवासी मार डाले गये हैं। अधिकांश वर्तमान निवासी यूरोपीय हैं। होबर्ट इस दवीप की राजधानी एवं सबसे बड़ा नगर है। (शा. ला. का.)

इतिहास

जैसा ऊपर कहा गया है, १६४२ में अबेल तैज़मान ने इसका पता लगाया। १८०४ से १८५३ ई० तक ब्रिटेन के बंदी यहाँ भेजे जाते रहे। न्यू साउथ वेल्स ने पहले पहल इसे अपना उपनिवेश बनाया। द्वीपवासियों ने अंग्रेज बंदियों का प्रवेश रोक देने की माँग की। १८५३ ई० में यह माँग आंशिक रूप में पूरी की गई। इसी वर्ष इसका नाम वान डीमेंस लैंड (Van Diemen's land) से बदलकर तसमानिया रख दिया गया। आस्ट्रेलिया के दक्षिणी प्रांत विक्टोरिया में सोने की खान मिल जाने से तसमानिया के अनेक निवासी वहाँ बस गए। १९०१ ई० में आस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल की स्थापना हुई और तसमानिया उसका सदस्य हो गया।

टीका टिप्पणी और संदर्भ