आंथोनी (पादुआ का संत)
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आंथोनी (पादुआ का संत)
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 1 |
| पृष्ठ संख्या | 329 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | डॉ. कामिल बुल्के |
आंथोनी, पादुआ का संत (1195-1231 ई.)। इनका जन्म लिस्बन में हुआ। पहले अगस्तिनीय संघ के सदस्य थे, किंतु 1220 ई. में उन्होंने फ्रांसिस्की संघ में प्रवेश किया। 1229ई. में असीसी के संत फ्रांसिस से उनकी भेंट हुई। बाद में वह धर्मविद्या (थेआलोजी) के अध्यापक हुए तथा उत्तरी इटली में उपदेशक के रूप में ख्याति प्राप्त करने लगे। उनका देहाँत पादुआ (इटली) में हुआ। 1232 ई. में उनको संत घोषित किया गया। वह काथलिक ईसाइयों के सर्वाधिक लोकप्रिय संतों में से हैं। उनका पर्व 13 जून को मनाया जाता है।[१]
टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑ सं.ग्रं.-ओजिलियथ-स्मिथ, ई.: सेंट ऐंथनी ऑव पादुआ ऐकाडिंग टु हिज़ कांटेंपाँचरैरीज़, न्यूयार्क, 1926।