एज्रा
| चित्र:Tranfer-icon.png | यह लेख परिष्कृत रूप में भारतकोश पर बनाया जा चुका है। भारतकोश पर देखने के लिए यहाँ क्लिक करें |
एज्रा
| |
| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 2 |
| पृष्ठ संख्या | 234 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | कामिल बुल्के |
एज्रा (एस्द्रास)। बाबुल के निर्वासन के बाद एज्रा और नहेम्याह ने यहूदियों को बाबुल (बाबीलोन) से निकालकर फिर फिलिस्तीन में बसाया तथा राजधानी जेरूसलम के पुनर्निर्माण और उसके महामंदिर की जीर्णोद्धार के कार्य में प्रमुख भाग लिया था। बाइबिल के दो ग्रंथ एज्रानहेम्याह के नाम से विख्यात है; उनमें बाबुली निर्वासन के अंत अर्थात् 539ई. पू. से लेकर लगभग 430 ई. पू. तक का यहूदियों का इतिहास मिलता है।
टीका टिप्पणी और संदर्भ