कैलिमैक
कैलिमैक
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 3 |
| पृष्ठ संख्या | 145 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पांडेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1976 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | भाऊ समर्थ |
कैलीमैक 1. कैलीमैक (ईसा पूर्व 305-240) ग्रीक वैयाकरण, आलोचक और कवि। इन्होंने सिकंदरिया में अकदमी की स्थापना की थी। इंरतोस्तेनिस, अरिस्तोफेनिज और अपोलोनिस रोडियम आदि यहाँ के प्रमुख विद्यार्थी थे।
2. ईसा पूर्व पाँचतीं शताब्दी का ग्रीक शिल्पकार जो संभवत: केलामिस का शिष्य था। उसे कोरिंथियन शैली के स्तंभ और संगमरमर में छेद करने के लिये चालित छेदक का आविष्कारक कहा जाता है। इरेक्थियम के लिये उसने एक स्वर्णदीप का निर्माण किया था। उसकी नर्तन करती लासोलियन बालाएँ एक निर्दोष कृति समझी जाती हैं।
टीका टिप्पणी और संदर्भ