चार्टर

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लेख सूचना
चार्टर
पुस्तक नाम हिन्दी विश्वकोश खण्ड 4
पृष्ठ संख्या 192
भाषा हिन्दी देवनागरी
संपादक रामप्रसाद त्रिपाठी
प्रकाशक नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी
मुद्रक नागरी मुद्रण वाराणसी
संस्करण सन्‌ 1964 ईसवी
उपलब्ध भारतडिस्कवरी पुस्तकालय
कॉपीराइट सूचना नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी
लेख सम्पादक त्रिलोचन पंत

चार्टर किसी व्यक्ति, संस्था अथवा प्रजा को भूमि मकान, सम्मान, राजनीतिक अधिकार आदि के दिए जाने का जिस राजकीय पत्र में उल्लेख रहता है, इंग्लैंड में उसे चार्टर (अधिकारपत्र) कहा गया है। राज्य के धर्माधिकारियों और जमींदारों की माँगों का पत्रक जिसे 1215 में इंग्लैंड के राजा जान ने स्वीकार किया मैग्नाकार्टा, ग्रेट चार्टर (महाधिकार पत्र) के नाम से प्रसिद्ध है। बाद के कुछ राजाओं अथवा सम्राटों द्वारा अधिकारों की पुष्टि में भी चार्टर शब्द का प्रयोग किया गया है। 1838 तक इंग्लैंड में प्रजा के कुछ अधिकारों की स्वीकृति के लिये प्रबल आंदोलन हुआ था। देशों में व्यापार करनेवाली संस्थाओं को प्राप्त अधिकार 'चार्टर' द्वारा दिए जाते थे। उन अधिकारों के आवेदन के लिये भी चार्टर शब्द का उपयोग किया गया है।

विश्व के उत्तम भविष्य की कामना से द्वितीय महायुद्ध के बीच अमेरिका के प्रेसिडेंट फ्रैंकलिन रूजवेल्ट और इंग्लैंड के प्रधान मंत्री विंस्टन चर्चिल की ऐटलांटिक महासागर से अगस्त, 141 में प्रकाशित विज्ञप्ति और महायुद्ध की समाप्ति से पहले ही संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थापना के संबंध में विश्व के कई राष्ट्रों के हस्ताक्षरोंवाली सैन फ्रांसिस्को की जून, 1945 की घोषणा के लिये भी चार्टर (ऐटलांटिक चार्टर, यूनाइटेड नेशंस चार्टर) शब्द का उपयोग किया गया है।




टीका टिप्पणी और संदर्भ