चित्रलेखा
चित्रलेखा
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 4 |
| पृष्ठ संख्या | 222 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | रामप्रसाद त्रिपाठी |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
चित्रलेखा पौराणिक वाणासुर की पुत्री, उषा की सहेली एक अप्सरा। यह चित्रकला में निपुण थी। इसने उषा को उसके प्रेमी अनिरुद्ध का चित्र बनाकर दिखाया था और उसे उषा से ला मिलाया था।
टीका टिप्पणी और संदर्भ