सर राल्फ़ एबक्रांबी
सर राल्फ़ एबक्रांबी
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| पुस्तक नाम | हिन्दी विश्वकोश खण्ड 2 |
| पृष्ठ संख्या | 243 |
| भाषा | हिन्दी देवनागरी |
| संपादक | सुधाकर पाण्डेय |
| प्रकाशक | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| मुद्रक | नागरी मुद्रण वाराणसी |
| संस्करण | सन् 1964 ईसवी |
| उपलब्ध | भारतडिस्कवरी पुस्तकालय |
| कॉपीराइट सूचना | नागरी प्रचारणी सभा वाराणसी |
| लेख सम्पादक | भगवतशरण उपाध्याय |
एबरक्रांब, सर राल्फ़ (1734-1801) प्रसिद्ध ब्रिटिश सैनिक जिसने सप्त वर्षीय युद्ध में बड़ा नाम कमाया। 1795 में एबरक्रांबी को 'सर' का खिताब मिला और उसी साल वेस्ट इंडीज़ में ब्रिटिश सेना के प्रधान सेनापति के रूप में उसकी नियुक्ति हुई। फिर वह आयरलैंड की सेना का अध्यक्ष हुआ जहाँ उसने सेना के नियमों में कई प्रकार के सुधार किए। 1801 में उसे मिस्र में फ्रांसीसियों से लड़ने के लिए भेजा गया। उसने फ्रांसीसियों को परास्त तो कर दिया, पर ठीक जीत के समय ही उसे गोला लगा और वह मर गया। लंदन के सेंट पाल के गिरजाघर में उसका स्मारक बनाया गया और उसकी विधवा को खिताब तथा पेंशन दी गई।
टीका टिप्पणी और संदर्भ